
जिले के कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में सुहागिन महिलाएं अपने पति व पुत्र की दीर्घायु की कामना को लेकर बुधवार को सातुड़ी तीव व गुरुवार को चौथ का व्रत करेंगी। मंगलवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष प्रतिपदा होने से इस बार महिलाएं बुधवार को सिंजारा व तीज एक साथ किया। तीज के व्रत पर कुंवारी कन्याएं व सुहागिन महिलाए दिनभर निराहार व्रत रख सांय शुभ मुहूर्त में तीज माता के स्वरूप में मिट्टी ओर नीम की टहनियां लाकर समूह के साथ तीज माता का पूजन कर कथा सुनी। इसके पश्चात चंद्र अर्घ्य देकर व्रत खोली। इस दिन व्रत सतु खा कर खोला जाता है। वहीं गुरुवार को सभी सुहागिन महिलाएं चौथ का व्रत करेगी। सांय शुभ मुहूर्त में अपने-अपने घर में भगवान गणेश व चौथ माता का पूजन कर कथा सुनेगी। तीज व चौथ के व्रत के चलते मंगलवार को सभी महिलाओं ने हाथों में मेहंदी लगाई।








